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    ई-कोर्ट परियोजनाओं की वस्तुस्थितिः-

    • 37 जिला न्यायालयेां एवं 42 अनुमंडल न्यायालयों कुल मिलाकर 79 स्थान बिहार में ई कोर्ट परियोजना के अंतर्गत आच्छादित है।
    • लैन का सक्रिय एवं निष्क्रिय कार्य 819+211+322=1352 न्यायालयों के लिए पूर्ण हो चुका है।
    • 79 स्थानों में से 68 स्थानों पर सर्वर रूम उपलब्ध है।
    • सभी 79 न्यायालय स्थानों पर टावर सर्वर उपलब्ध है।
    • अधीनस्थ न्यायालयों को 4924 डेक्सटॉप कंप्यूटर दिये गये हैं।
    • न्यायालय के कार्यालयों में 1025 मल्टीफंशनल प्रिंटर्स तथा 1025 लेजर प्रिटर्स दिये गये है।
    • न्यायिक पदाधिकारियों के लिए 1025 प्रिटर्स की खरीदारी की गई है।
    • सभी 79 कोर्ट स्थानों पर सी आई एस 3.2 स्थापित किया गया है।
    • सभी 79 स्थानों के वादों का सी आई एस डाटा, एन जे डी जी में रेप्लीकेट होता है।
    • 39 स्थानों पर वी0 पी0 एन0 ओ0 बी0 बी0 कनेक्टीविटी उपलब्ध है।
    • 30 स्थानों पर लिज लाईन कनेक्टीविटी उपलब्ध है।
    • 78 न्यायालय स्थानों में से 76 स्थानों पर वैन कनेक्टीविटी उपलब्ध है।
    • जिला न्यायालय डुपल आधारित वेवसाइट सभी जिला में कार्यरत है।
    • 37 जिला न्यायालयों में कियोस्क मशीन उपलब्ध है।
    • 79 कोर्ट स्थानों में से 75 कोर्ट स्थानों पर डीजी सेट्स उपलब्ध है।
    • नेटवर्क रूम के लिए दो केवी का ऑनलाइन यूपीएस 75 जिला न्यायालयों पर उपलब्ध है।
    • 5048 में से 3276 ईकाई कंप्यूटर यूपीएस की खरीददारी की गयी है।
    • जिला न्यायालयों के लिए 1025 ईकाई डिस्प्ले बोर्ड की खरीददारी की गयी है।
    • जिला न्यायालयों के न्यायालय कक्षों में 75 में से 68 स्थानों पर सी सी टी वी लगाया जा चुका है और सुरक्षा कारणों से शेष व्यवहार न्यायालयों में, 75 में से 67 स्थानों पर स्थापित किया जा चुका है। कुल 4631 सी सी टी वी केमरा ईकाई जिला न्यायालयों में स्थापित किए जा चुके हैं।
    • बिहार रिन्यूऐवल एनर्जी डेभलपमेंट एजेंसी (BREDA) 37 जिला न्यायालयों एवं एक तालुका न्यायालय (38 स्थलों) पर सोलर पैनल स्थापित कर रही है, जो राज्य सरकार द्वारा पोषित है। BREDA से प्राप्त सूचना के अनुसार 31 स्थानों पर स्थापना का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 4 स्थानों पर कार्य प्रगति में है। इसके अलावा, 3 स्थानों पर राज्य सरकार द्वारा BREDA को फंड की स्वीकृति नहीं दी गई है और इस संदर्भ में एक प्रार्थना पत्र भेजा जा चुका है।
    • सभी जिला न्यायालयों एवं उच्च न्यायालय में ई-कोर्ट शुल्क तथा ई-स्टांपिंग, स्‍टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के द्वारा कार्यरत है। उच्च न्यायालय में ऑनलाईन खरीदारी की सुविधा शुरू कर दी गई है।
    • ज्यादातर स्थानों पर लंबित वादों के डाटा की इंट्री पूरी की जा चुकी है।
    • निष्पादित वाद अभिलेखों के करीब 1.75 करोड़ पृष्ठों को अंकीकृत किया जा चुका है और डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सर्वर (DMS) पर उपलब्ध है।